सरकारी स्कूलों में पहली बार एक साथ बढ़े 1.25 लाख छात्र, छापीं 40 लाख किताबें…

सरकारी स्कूलों में पहली बार एक साथ बढ़े 1.25 लाख छात्र, छापीं 40 लाख किताबें…

रायपुर। छत्तीसगढ़ में कुछ साल पहले सरकारी स्कूलों की हालत खराब थी। हर साल इन स्कूलों में छात्रों की संख्या कम हो रही थी। लेकिन इस साल पहली बार शासकीय स्कूलों में प्रवेश लेने वाले छात्रों की संख्या एक साथ 1.25 लाख से ज्यादा बढ़ गई है। राज्यभर में स्वामी आत्मानंद स्कूल खुलने के बाद से ही सरकारी स्कूलों में प्रवेश लेने वाले छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

हर साल इन स्कूलों में प्रवेश के लिए सीटों से कई गुना ज्यादा आवेदन जमा हो रहे हैं। इस वजह से सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या भी बढ़ रही है। इस बार इन सभी सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए 40 लाख 44 हजार 527 किताबें छापी गई है। यह संख्या पिछली बार की तुलना में करीब 4 प्रतिशत ज्यादा है। वहीं दूसरी ओर निजी स्कूलों में हिंदी मीडियम वालों के लिए 5 लाख 18 हजार 730 और इंग्लिश मीडियम स्कूलों के लिए 7 लाख 51 हजार 258 किताबें छापी गई हैं। इस तरह निजी स्कूलों के लिए कुल 12 लाख 69 हजार 988 किताबें छपी हैं।

सरकारी स्कूलों में लगातार छात्रों की संख्या बढ़ने की वजह से निजी स्कूलों में उनकी संख्या कम हो रही है। जानकारों का कहना है कि कोरोना में कई प्राइवेट स्कूल बंद हो गए थे। इस वजह से भी सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या बढ़ी है। राज्य में पिछले साल 279 स्वामी आत्मानंद स्कूलों में छात्रों के एडमिशन हुए। इसमें 247 अंग्रेजी और 32 हिंदी मीडियम वाले हैं। इसके अलावा इस साल से 101 और नए स्कूल शुरू किए जा रहे हैं। इनमें कई नए स्कूलों में दाखिले भी हो गए हैं। कुछ नए स्कूलों में एडमिशन की प्रक्रिया जून में शुरू होगी। इसके बाद छात्रों की संख्या और बढ़ेगी।

निजी स्कूलों में नए सत्र से पहले ही मिल जाएंगी किताबें

सीजी बोर्ड से जुड़े राज्य के निजी स्कूलों के छात्रों को भी इस बार नया सत्र शुरू होने से पहले किताबें मिल जाएंगी। पाठ्य पुस्तक निगम के अफसरों का कहना है कि 25 मई से निजी स्कूलों के लिए किताबों का वितरण शुरू हो गया है। स्कूल वाले डिपो में पहुंचकर किताबें ले सकते हैं। सरकारी स्कूलों के लिए किताबें बांटने का काम लगभग पूरा हो गया है। जितने स्कूलों के लिए शिक्षा विभाग से प्रस्ताव मिले थे वहां किताबें पहुंचा दी गई है। गौरतलब है कि सीजी बोर्ड से जुड़े पहली से दसवीं तक के छात्रों को किताबें फ्री दी जा रही हैं। इन सभी छात्रों को किताबें देने के लिए इस बार करीब 2 करोड़ 77 लाख हिंदी मीडियम और 12 लाख 24 हजार इंग्लिश मीडियम की किताबें छापी गई हैं।

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