हीट वेव अलर्ट: जिला अस्पताल में ‘हीट स्ट्रोक रूम’ तैयार, विशेष बाथटब और आइस मेकिंग मशीन से इमरजेंसी व्यवस्था

हीट वेव अलर्ट: जिला अस्पताल में ‘हीट स्ट्रोक रूम’ तैयार, विशेष बाथटब और आइस मेकिंग मशीन से इमरजेंसी व्यवस्था

रायपुर। बढ़ती गर्मी और संभावित हीट वेव के खतरे को देखते हुए रायपुर जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को अलर्ट मोड पर ला दिया है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिला चिकित्सालय पंडरी में विशेष ‘हीट स्ट्रोक रूम’ स्थापित किया गया है, जहां गंभीर मरीजों के लिए अतिरिक्त बेड, विशेष बाथटब और आइस मेकिंग मशीन की व्यवस्था की गई है, ताकि आपात स्थिति में तुरंत और प्रभावी उपचार मिल सके।

हीट वेव को लेकर प्रशासन सतर्क

संभावित लू और अत्यधिक तापमान की चेतावनी के बीच प्रशासन ने पहले से तैयारियां तेज कर दी हैं। अस्पतालों में जरूरी दवाओं, सलाइन और इमरजेंसी उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। चिकित्सा स्टाफ को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं कि हीट स्ट्रोक के मामलों में बिना देरी उपचार शुरू किया जाए और मरीजों की लगातार निगरानी की जाए।

जिला अस्पताल में बना विशेष ‘हीट स्ट्रोक रूम’

जिला चिकित्सालय, पंडरी में अलग से ‘हीट स्ट्रोक रूम’ तैयार किया गया है। इस कमरे में अतिरिक्त बेड लगाए गए हैं ताकि अधिक संख्या में मरीज आने की स्थिति में भी इलाज बाधित न हो। यहां प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मियों की तैनाती की गई है, जो गंभीर मरीजों की स्थिति पर नजर रखते हुए त्वरित उपचार सुनिश्चित करेंगे।

इमरजेंसी कूलिंग के लिए विशेष बाथटब

हीट स्ट्रोक के गंभीर मामलों में शरीर का तापमान तेजी से कम करना जीवनरक्षक साबित हो सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए अस्पताल में दो विशेष बाथटब स्थापित किए गए हैं। इन बाथटब में ठंडे पानी और बर्फ की सहायता से ‘इमर्शन कूलिंग’ की जाएगी, जिससे मरीज का तापमान तेजी से नियंत्रित किया जा सके।

आइस मेकिंग मशीन से निरंतर ठंडा उपचार

बर्फ की लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अस्पताल परिसर में आइस मेकिंग मशीन भी लगाई गई है। इससे आपात स्थिति में तुरंत ठंडा उपचार देने में कोई बाधा नहीं आएगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि गंभीर मरीजों को उपचार में एक भी क्षण की देरी न हो।

हीट स्ट्रोक के लक्षण और सावधानी

चिकित्सकों के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति की त्वचा गर्म, लाल और सूखी हो जाए, शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक पहुंच जाए, जी मचलने और उल्टी की शिकायत हो, सांस तेज चले या बेहोशी महसूस हो, तो इसे गंभीरता से लें। ऐसे में तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें। आपात स्थिति में कंट्रोल रूम नंबर 0771-3519250 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

बचाव ही सबसे बड़ा उपाय

स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे समय-समय पर पर्याप्त पानी पिएं, हल्के और ढीले कपड़े पहनें और दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच अनावश्यक रूप से धूप में निकलने से बचें। बंद वाहन में किसी व्यक्ति या जीव को न छोड़ें और गर्म सतह पर नंगे पैर चलने से भी परहेज करें।

कुल मिलाकर, संभावित हीट वेव को देखते हुए जिला प्रशासन की यह तैयारी संकेत देती है कि इस बार गर्मी से निपटने के लिए स्वास्थ्य तंत्र पूरी तरह सतर्क है। अब नागरिकों की सतर्कता और सहयोग भी उतना ही जरूरी है।

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