इजरायल में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए भारत सरकार ‘ऑपरेशन अजय’ शुरू कर चुकी है। इजरायल के तेल अवीव एयरपोर्ट से 212 भारतीयों को लेकर पहला चार्टर विमान शुक्रवार सुबह भारत पहुंच चुका है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि अभी हमारी प्राथमिकता उन्हीं भारतीयों को सकुशल वापस लाने की है, जो लौटना चाहते हैं।
जैसे-जैसे लौटने के आग्रह मिलते रहेंगे, उसी हिसाब से उड़ानें तय की जाएंगी। फिलहाल इस ऑपरेशन में चार्टर विमानों का इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन सभी विकल्प खुले हुए हैं। जरूरत पड़ने पर भारतीय वायुसेना की मदद की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। पहले भी ऐसे हालात में सेना की मदद ली गई है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार को ‘ऑपरेशन अजय’ की तैयारियों की समीक्षा की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि करीब 18 हजार भारतीय इजरायल में हैं। उनसे अपील की जाती है कि वे खुद को भारतीय दूतावास में रजिस्टर कराएं और अडवाइजरी पर ध्यान दें।
फलस्तीनी इलाके वेस्ट बैंक और गाजा में भारतीय नागरिकों की मौजूदगी पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि जहां तक मेरी जानकारी है, कुछ दर्जन लोग वेस्ट बैंक में हैं, जबकि 3-4 लोग गाज़ा में हैं। अभी हमारे पास लोगों को निकालने की अपील इजरायल से ही हुई है। अभी तक वहां से किसी भारतीय की मौत की खबर नहीं आई है। कुछ घायल हैं, जो अस्पताल में हैं।
इजरायल पर हमास के हमले को लेकर विदेश मंत्रालय ने बहुप्रतीक्षित रुख साफ किया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि हम इसे आतंकी हमले की तरह देखते हैं। हमास को आतंकी संगठन कहा जाए या नहीं, यह कानूनी मामला है और इसे कानूनी रूप से देखना होगा।
