रायपुर। आदित्य-एल1 मिशन को लेकर इसरो ने बड़ा अपडेट दिया है। इसरों ने ट्वीट क्र कहा है कि आदित्य-एल1 अंतरिक्ष यान पृथ्वी के प्रभाव क्षेत्र से सफलतापूर्वक बचकर, पृथ्वी से 9.2 लाख किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर चुका है। अब यह सन-अर्थ लैग्रेंज प्वाइंट 1 (एल1) की ओर अपना रास्ता तलाश रहा है। यह लगातार दूसरी बार है जब इसरो किसी अंतरिक्ष यान को पृथ्वी के प्रभाव क्षेत्र के बाहर भेज सका, पहली बार मंगल ऑर्बिटर मिशन। जिन्हें लाइब्रेशन बिंदु के रूप में भी जाना जाता है, अंतरिक्ष में अद्वितीय स्थान हैं जहां दो विशाल पिंडों (जैसे सूर्य और पृथ्वी) का गुरुत्वाकर्षण बल एक छोटी वस्तु (जैसे अंतरिक्ष यान) को उनके साथ चलने के लिए आवश्यक सेंट्रिपेटल बल के बराबर होता है। यह लैग्रेंज बिंदुओं को कक्षा सुधार के रूप में अंतरिक्ष यान के लिए एक उत्कृष्ट स्थान बनाता है और इसलिए वांछित कक्षा को बनाए रखने के लिए आवश्यक ईंधन आवश्यकताओं को न्यूनतम रखा जाता है।
Aditya-L1 को लेकर इसरों ने दिया बड़ा अपडेट…
