इस रक्षाबंधन कोदो, कुटकी और गोबर की राखियां भी मिलेंगी मार्किट मे, 5 हजार की लागत से की तैयार…

भाई-बहन के प्यार का पर्व रक्षाबंधन दो दिन बाद 30 अगस्त को मनाया जाएगा। ऐसे में छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले की महिलाओं ने सब्जियों के बीज, गोबर, कोदो चावल और कुटकी से राखियां बनाई हैं। युट्यूब से सीखकर बनाई गई इन राखियों को बेहद कम लागत से तैयार किया गया है। ये राखियां बिक्री के लिए सी मार्ट में उपलब्ध है। इनकी डिमांड भी मार्केट में काफी ज्यादा देखी जा रही है।

महिलाओं ने बताया कि उनकी बनाई राखियों की कीमत बेहद कम है। कांकेर जिले के बेवरती गांव में मां संतोषी नाम से संचालित महिलाओं का एक समूह है। जिसमें वे गोठानों से जुड़े सभी तरह की गतिविधियों में शामिल रहती है। लेकिन इस बार महिलाओं की कुछ अलग करने की मंशा थी और उन्होंने राखी बनाने की सोची। सिर्फ 5 हजार रुपए की लागत से काम शुरू किया और 3 हजार राखियां बना दी।

महिला समूह गोबर से भी आकर्षक राखियां बना रहा है।

सीएम को राखी भेजने की चाह

महिलाओं ने बताया कि वो प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को राखी भेजना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि गोठान योजना से सीएम ने प्रदेश की महिलाओं को आत्म निर्भर बनाया है। जिससे उनकी आर्थिक स्थिति भी सुधर रही है।

मतदाता जागरूकता के लिए स्वीप वाली राखी

महिलाओं ने मतदाता जागरूकता के लिए स्वीप वाली राखी भी बनाई है। इन सभी राखियों को सी मार्ट में बिक्री के लिए रखा गया है। वहीं स्वीप प्रोग्राम के लिए प्रशासन मतदाता जागरूकता फैलाने का काम भी कर रहा हैं।

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