एक बार फिर मुख्यमंत्री भोजन करने आदिवासी वनपट्टाधारी किसान के घर पहुंचे

एक बार फिर मुख्यमंत्री भोजन करने आदिवासी वनपट्टाधारी किसान के घर पहुंचे

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के दौरान सिहावा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम बेलरगांव में आदिवासी वनपट्टा धारी किसान एवं श्रमिक श्री शिवप्रसाद नेताम के घर भोजन करने पहुंचे। उनके आने से किसान परिवार की खुशी का ठिकाना ही नहीं रहा। 60 वर्षीय आदिवासी किसान श्रमिक नेताम ने घर पहुंचने पर परिवार ने पूरी आत्मीयता मुख्यमंत्री का स्वागत तिलक और आरती से किया। मुख्यमंत्री को यहां घर पर बने पारंपरिक छत्तीसगढ़िया व्यजनों का भोजन परोसा गया। जिसमें नगरी का प्रसिद्ध दुबराज चाँवल के  साथ उड़द बड़ा, रोटी, अरहर दाल, मुनगा- आलू बड़ी, खट्टा में मूली भाटा, लाल भाजी, चना भाजी, भथुवा भाजी, टमाटर चटनी, आचार व पापड़ का मुख्यमंत्री ने स्वाद लिया। मुख्यमंत्री ने दुबराज चाँवल की खेती सहित अन्य फसल के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने परिवार वालों से बातचीत की और उनका हाल चाल भी पूछा। नेताम ने बताया कि उनके परिवार में कुल 9 सदस्य हैं। उन्हें वनाधिकार पत्र के तहत एक एकड़ जमीन मिली है, जिसमें वे खेती करते हैं। इसके अलावा वे मजदूरी करके जीवन चलाते हैं। मुख्यमंत्री ने स्वादिष्ट और छत्तीसगढ़िया भोजन के लिए नेताम एवं उनके  परिवार को धन्यवाद दिया और उपहार भी भेंट किए, उन्होंने परिवार वालों के साथ एक ग्रुप फोटो भी ली।

 श्रमिक श्री शिवप्रसाद नेताम के घर भोजन करने पहुंचे

मुख्यमंत्री के साथ जिले की प्रभारी मंत्री, महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेंड़िया, स्थानीय विधायक लक्ष्मी ध्रुव, शिव प्रसाद नेताम एवं  कलेक्टर प्रियंका महोबिया ने भोजन किया। इस अवसर पर नेताम ने कहा कि प्रदेश के मुखिया का हमारे घर आकर सादगी और आत्मीयता के साथ भोजन करना, हम सबके लिए गौरव का पल है। यह पल हमें जिंदगी भर याद रहेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अपनी भावनाओं, दुख और खुशी को व्यक्त करने का सबसे सरल और सशक्त माध्यम हमारी मातृभाषा होती है- डेका

अपनी भावनाओं, दुख और खुशी को व्यक्त करने का सबसे सरल और सशक्त माध्यम हमारी मातृभाषा होती है- डेका

रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने आज संत शदाराम साहिब भाषा भवन का शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय अंतर्गत इनोवेशन एवं इन्क्यूबेशन...