देश में खामोश नहीं बल्कि संवैधानिक दायित्वों का निर्वाहन करने वाले राष्ट्रपति की है जरूरत, जो प्रधानमंत्री को दे सके सलाह, जो कठपुतली हैं, वे निश्चित रूप से नहीं करेंगे ऐसा : यशवंत सिन्हा

देश में खामोश नहीं बल्कि संवैधानिक दायित्वों का निर्वाहन करने वाले राष्ट्रपति की है जरूरत, जो प्रधानमंत्री को दे सके सलाह, जो कठपुतली हैं, वे निश्चित रूप से नहीं करेंगे ऐसा : यशवंत सिन्हा

रायपुर। राष्ट्रपति उम्मीदवार यशवंत सिन्हा राजधानी रायपुर पहुंचे। उन्होंने प्रेसवार्ता कर पत्रकारों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि आज मैं आपके बीच में हूं। छत्तीसगढ़ से मेरा विशेष संबंध है। वह संबंध यह है कि 60 साल पहले मैं यहां भिलाई आया था। यहां मेरी शादी हुई थी। इसलिए मैं बराबर विशेष लगाव छत्तीसगढ़ से महसूस करता हूं। यहां बहुत आनंद आता है।

यशवंत सिन्हा कहा कि देश को खामोश राष्ट्रपति नहीं, बल्कि ऐसे राष्ट्रपति की जरूरत है, जो अपने संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन करे। प्रधानमंत्री को सलाह दें। जो कठपुतली हैं, वे निश्चित रूप से ऐसा नहीं करेंगे।

यशवंत सिन्हा ने कहा कि राष्ट्रपति का पद अत्यंत गरिमा का पद है। अच्छा तो यह होता कि इस पद के लिए चुनाव होता ही नहीं और सर्व सम्मति से पक्ष विपक्ष दोनों मिल बैठते और किसी एक व्यक्ति को सर्व सम्मति से चुन लिया जाता। ऐसा करने की जिम्मेदारी सत्ता पक्ष की थी। उन्होंने नहीं बताया कि उनका प्रत्याशी कौन होगा। राष्ट्रपति के कुछ कर्तव्य भी निर्धारित हैं संविधान में। हमने देखा है कि ऐसे भी राष्ट्रपति हुए हैं, जिन्होंने पद की शोभा बढ़ाई है। कभी कभी खामोश राष्ट्रपति भी आए हैं और जो अपने निर्धारित जिम्मेदारियों को निभाना चाहिए नहीं निभाई।

यशवंत सिन्हा ने कहा कि केंद्र में जो विपक्षी दल हैं, उनकी दो मीटिंग्स हुईं। कुछ अनौपचारिक मीटिंग हुई। अंतत: मुझसे पूछा कि क्या मैं उनका साझा उम्मीदवार बनना चाहूंगा। जब मैं हामी भरी तो उन्होंने मेरे नाम की घोषणा की। लेकिन कुछ देर के बाद सत्ता पक्ष ने अपने उम्मीदवार की घोषणा की। इस तरह चुनाव की बिसात बिछ गई। हम लोग चुनाव मैदान में हैं।

छत्तीसगढ़ से मैं बहुत उम्मीदें लेकर आया हूं। मुझे विश्वास है कि हमारी उम्मीद पूरी होगी। मैं सबसे आग्रह करना चाहता हूं, जो दल हमें समर्थन दे रहे हैं, उसके अलावा खासकर भाजपा के मित्र हैं, पुराने साथी हैं, उनसे भी कहना चाहता हूं कि परिस्थिति ऐसी बनी है कि जब उन्हें भी अपने विवेक का इस्तेमाल करना चाहिए और लकीर का फकीर नहीं होना चाहिए।

यशवंत सिन्हा ने कहा कि मैं गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं कि इतने सारे विपक्षी दलों ने मुझे अपना उम्मीदवार चुना है। मैं आश्वस्त करना चाहूंगा कि कोशिश करने में कहीं कमी नहीं होने दूंगा। 27 जून को हमने अपना नामांकन दाखिल किया था और 28 से ही निकल पड़े। तब से चल रहे हैं और चलते रहेंगे, जब तक कि 18 जुलाई को मत नहीं पड़ जाते।

यूपीए के राष्ट्रपति उम्मीदवार घोषित होने के बाद यशवंत सिन्हा लगातार कई राज्यों में पहुंचकर NDA में शामिल दलों के सांसद और विधायकों से अपने पक्ष में वोट देने की अपील कर रहे हैं।इसी कड़ी में इसी कड़ी में UPA के राष्ट्रपति उम्मीदवार यशवंत सिन्हा आज चेन्नई से रायपुर पहुंचेंगे जहां वे एक निजी होटल में कांग्रेस सांसद और विधायकों की बैठक लेंगे। बैठक में PCC प्रभारी पीएल पुनिया, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम भी मौजूद रहेंगे। इस बैठक से पहले यशवंत सिन्हा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस ले।

बता दें कि आगामी राष्ट्रपति चुनाव 2022 के लिए कुल 115 नामांकन पत्र दाखिल किए गए हैं। राज्यसभा महासचिव पीसी मोदी द्वारा की गई एक प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने बताया कि चुनावों के लिए 15 जून से शुरू हुई नामांकन की प्रक्रिया 29 जून को समाप्त हो गई है। साथ ही उन्होंने बताया कि एनडीए की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू और विपक्षी उम्मीदवार यशवंत सिन्हा ने नामांकन को लेकर सभी प्रक्रियाएं वैध तरीके से पूरी की हैं।

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