राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज से युवाओं के नवाचार और उद्यमिता को मिलेगी नई दिशा, इंजीनियरिंग विद्यार्थियों को किया गया जागरूक

रायपुर। छत्तीसगढ़ के युवाओं में नवाचार, रचनात्मक सोच और उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज  के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा रही है। इसी कड़ी में सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, सरगुजा द्वारा शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, डिगमा, अम्बिकापुर में जागरूकता कार्यक्रम एवं उद्यमिता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लगभग 200 से 250 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। विद्यार्थियों को राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज के उद्देश्यों, नवाचार के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों और स्वरोजगार से जुड़ी विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही युवाओं को अपने नए विचारों को आगे बढ़ाने, तकनीकी नवाचार के माध्यम से समस्याओं का समाधान खोजने और उद्यमिता की दिशा में कदम बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य इंजीनियरिंग एवं अन्य विषयों के विद्यार्थियों को नवाचार आधारित गतिविधियों से जोड़ना और उन्हें अपनी रचनात्मक प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए प्रेरित करना था। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को बताया कि राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज  युवाओं के लिए अपने नए विचारों और नवाचार संबंधी क्षमताओं को सामने लाने का अवसर है। उन्होंने अधिक से अधिक विद्यार्थियों को इसमें भाग लेने तथा ऑनलाइन आवेदन करने के लिए प्रेरित किया। इसके साथ ही महाविद्यालय स्तर पर इस पहल का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का आग्रह किया गया, ताकि अधिक संख्या में विद्यार्थियों तक इसकी जानकारी पहुंच सके।

नए विचारों और तकनीकी नवाचार को प्रोत्साहन, विद्यार्थियों को सहभागिता के लिए किया प्रेरित

जागरूकता कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नवाचार के महत्व और वर्तमान समय में तकनीकी ज्ञान के व्यावहारिक उपयोग की संभावनाओं से अवगत कराया गया। अधिकारियों ने कहा कि युवाओं की रचनात्मक सोच और नए विचार उद्यमिता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इंजीनियरिंग एवं तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों के पास अपनी प्रतिभा और ज्ञान के माध्यम से नए समाधान विकसित करने के अवसर हैं। ऐसे में राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज जैसी पहल विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं का उपयोग करने और नवाचार संबंधी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करती है।

इस दौरान विद्यार्थियों को राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज में भागीदारी और ऑनलाइन आवेदन के संबंध में जानकारी दी गई। महाविद्यालय के प्राध्यापकों और संबंधित विभागों से भी विद्यार्थियों को इस पहल से जोड़ने तथा नवाचार के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सहयोग करने का आग्रह किया गया।

पीएमईजीपी, पीएमएफएमई और औद्योगिक विकास नीति के तहत उपलब्ध अवसरों की दी गई जानकारी

कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित उद्यमिता जागरूकता कार्यशाला में जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, सरगुजा के प्रबंधक श्री अश्विनी शुक्ला एवं सहायक प्रबंधक श्री सूर्याेदय कुमार साहू ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई), प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी), स्टार्टअप से जुड़े अवसरों तथा छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के अंतर्गत उपलब्ध अनुदान, छूट और रियायतों के संबंध में विद्यार्थियों को अवगत कराया।

अधिकारियों ने युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि शासकीय योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर पात्रता एवं निर्धारित प्रावधानों के अनुसार युवा अपने उद्यम स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। तकनीकी शिक्षा और नवाचार संबंधी ज्ञान का उपयोग उद्यमिता में करने से युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार की नई संभावनाएं विकसित हो सकती हैं। कार्यशाला में विद्यार्थियों को अपने कौशल, रचनात्मक विचारों और तकनीकी क्षमताओं का उपयोग कर उद्यमशीलता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

200 से 250 विद्यार्थियों की सहभागिता, नवाचार और स्वरोजगार के प्रति बढ़ाई जागरूकता

जागरूकता कार्यक्रम में शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, डिगमा के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) राम नारायण खरे, एमबीए विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. रॉबिन थॉमस, सेवा संकल्प अभियान के समन्वयक डॉ. हरिशंकर चंद्रा तथा इनोवेशन सेल के प्रभारी डॉ. मोहन राव उपस्थित रहे। कार्यक्रम में महाविद्यालय के लगभग 200 से 250 छात्र-छात्राओं के साथ प्राध्यापकों एवं अन्य कर्मचारियों ने भी सहभागिता की।

सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज के साथ शासन की स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रोत्साहन योजनाओं की जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध कराई गई। इस पहल से युवाओं को नवाचार आधारित गतिविधियों में भागीदारी बढ़ाने, शासकीय योजनाओं के प्रति जागरूक होने और भविष्य में स्वरोजगार तथा उद्यमिता के अवसरों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहन मिला।

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