रायपुर। मनेंद्रगढ़ स्थित कोतवाली थाना परिसर में सुरक्षा एवं आपातकालीन सेवाओं को नई मजबूती मिली, जब स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने डायल-112 फेज-II (नेक्स्ट जेन) सेवा के तहत एमसीबी जिले को प्राप्त 8 अत्याधुनिक इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल (ERV) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि आज एमसीबी जिले के लिए ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण दिन है। डायल-112 नेक्स्ट जेन सेवा के माध्यम से जिले को आधुनिक तकनीक से लैस इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल एवं एम्बुलेंस की सौगात मिली है, जिससे आपातकालीन सेवाएं पहले से अधिक तेज, प्रभावी और भरोसेमंद बनेंगी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तथा गृह मंत्री विजय शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश सरकार नागरिकों की सुरक्षा और त्वरित राहत सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
नई व्यवस्था से दुर्घटना, अपराध, स्वास्थ्य आपातकाल, महिला सुरक्षा, अग्निकांड और अन्य संकट की स्थिति में लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी। मंत्री श्री जायसवाल ने बताया कि इन अत्याधुनिक वाहनों में GPS सिस्टम, PTZ कैमरा, डैश कैमरा, मोबाइल डेटा टर्मिनल (MDT), स्मार्ट मोबाइल फोन सहित कई आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इससे घटनास्थल तक त्वरित पहुंच सुनिश्चित होगी और राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी भी बेहतर तरीके से की जा सकेगी।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्रीमती रतना सिंह ने बताया कि जिले को प्राप्त 8 इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल में से 7 वाहन 24 घंटे लगातार जिले के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित किए जाएंगे, जबकि 1 वाहन को रिजर्व रखा गया है, ताकि किसी भी तकनीकी या आकस्मिक परिस्थिति में सेवाएं बाधित न हों। उन्होंने कहा कि इन वाहनों के संचालन से शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में पुलिस सहायता और आपात सेवाओं की पहुंच और अधिक सशक्त होगी। आधुनिक तकनीक से लैस ये वाहन किसी भी आपदा, दुर्घटना या आपात स्थिति में त्वरित राहत पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
कार्यक्रम में अधिकारियों ने बताया कि डायल-112 सेवा वर्ष 2018 से प्रदेश में संचालित है, लेकिन “फेज- II नेक्स्ट जेन” के तहत अब इसका विस्तार प्रदेश के सभी 33 जिलों तक कर दिया गया है। इस नई प्रणाली के माध्यम से पुलिस, स्वास्थ्य सेवा, अग्निशमन सेवा, महिला हेल्पलाइन, चाइल्ड हेल्पलाइन, आपदा प्रबंधन एवं राष्ट्रीय हाईवे सेवाओं को एकीकृत प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है, जिससे नागरिकों को एक ही नंबर 112 पर समन्वित आपातकालीन सहायता उपलब्ध हो सकेगी।
प्रदेशभर में इस परियोजना के तहत लगभग 400 इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल तैनात किए जा रहे हैं। साथ ही सेवाओं के सुचारू संचालन के लिए अत्याधुनिक Primary Centralized Command and Control Centre तथा बैकअप के रूप में Secondary Command and Control Centre भी स्थापित किए गए हैं, जिससे तकनीकी बाधा की स्थिति में भी सेवाएं निर्बाध रूप से जारी रहेंगी।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। डायल-112 नेक्स्ट जेन सेवा के शुभारंभ से जिले में सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं को नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
