विकासखंड स्तरीय बस्तर ओलंपिक का भव्य आगाज

विकासखंड स्तरीय बस्तर ओलंपिक का भव्य आगाज

रायपुर। वन मंत्री कश्यप ने आज सुकमा जिला मुख्यालय स्थित हड़मा स्टेडियम में विकासखंड स्तरीय ‘बस्तर ओलंपिक‘ खेल प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने न केवल खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया, बल्कि स्थानीय खेलों को बस्तर के शांतिपूर्ण भविष्य से भी जोड़ा। मंत्री कश्यप ने प्रतियोगिता में शामिल सभी खिलाड़ियों को खेल नियमों का पालन करने और सच्ची खेल भावना से खेलने की शपथ दिलाई। उन्होंने रस्साकसी और वॉलीबॉल खेलों का शुभारंभ कर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर कलेक्टर भी साथ रहे।

खिलाड़ियों में अभूतपूर्व उत्साह- 43 हजार ने कराया पंजीयनइस आयोजन को लेकर खिलाड़ियों में जबरदस्त उत्साह है। उन्होंने कहा कि विगत वर्ष की तुलना में इस वर्ष 43 हजार खिलाड़ियों ने बस्तर ओलंपिक खेल प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए पंजीयन कराया है। यह आयोजन सुकमा के साथ-साथ कोंटा और छिंदगढ़ विकासखंड में भी किया जा रहा है। वन मंत्री कश्यप ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में खेल-कूद अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यह मानसिक व शारीरिक विकास में विशेष योगदान देता है। उन्होंने महिला क्रिकेट विश्व कप का जिक्र करते हुए कहा कि देश की महिला खिलाड़ियों ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश का परचम लहराया।

मंत्री कश्यप ने कहा ये खेल आपके लिए एक बेहतरीन मंच हैं, यह मानकर खेलें और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दें। पिछले वर्ष बस्तर ओलंपिक में 1.65 लाख लोगों ने भाग लिया था। इस बार यह संख्या 3 लाख से अधिक हो गई है, जो बस्तर ओलंपिक खेल की लोकप्रियता को दर्शाता है।वन मंत्री कश्यप ने सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि आप सभी खिलाड़ी अपने बेहतर खेल की बदौलत हमारे सुकमा का ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करेंगे। हम आने वाले समय में बस्तर को नक्सलवाद से पूर्ण मुक्त करने का प्रयास कर रहे हैं। हमारे उप-मुख्यमंत्री शर्मा ने भी पुनर्वास पर जोर देने की बात कही है। कार्यक्रम को महिला आयोग की सदस्य दीपिका सोरी और वरिष्ठ जनप्रतिनिधि धनीराम बारसे ने भी संबोधित किया।इस अवसर पर विकासखंड स्तरीय कार्यक्रम में जनपद पंचायत कोंटा अध्यक्ष कोवासी, जनपद उपाध्यक्ष सुकमा पेद्दी, नगर पालिका परिषद सुकमा अध्यक्ष मरकाम, नगर पंचायत दोरनापाल अध्यक्ष नायक, जिला पंचायत सदस्य हुंगाराम मरकाम सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं खिलाड़ी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अपनी भावनाओं, दुख और खुशी को व्यक्त करने का सबसे सरल और सशक्त माध्यम हमारी मातृभाषा होती है- डेका

अपनी भावनाओं, दुख और खुशी को व्यक्त करने का सबसे सरल और सशक्त माध्यम हमारी मातृभाषा होती है- डेका

रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने आज संत शदाराम साहिब भाषा भवन का शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय अंतर्गत इनोवेशन एवं इन्क्यूबेशन...