नई दिल्ली/रायपुर।छत्तीसगढ़ निवासी और सतनामी समाज के गौरव कुणाल बंजारे ने दिल्ली विश्वविद्यालय के शिवाजी कॉलेज छात्रसंघ अध्यक्ष पद पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। यह जीत न केवल शिवाजी कॉलेज बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और सतनामी समाज के लिए गर्व का क्षण है।

एबीवीपी प्रत्याशी को हराया
कुणाल बंजारे ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के उम्मीदवार को 266 वोटों के अंतर से पराजित किया। कुणाल को कुल 1129 वोट मिले, जबकि एबीवीपी प्रत्याशी को 863 वोट ही हासिल हुए। यह जीत शिवाजी कॉलेज छात्रसंघ के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

64 साल में पहली बार छत्तीसगढ़ से अध्यक्ष
दिल्ली विश्वविद्यालय और खासकर शिवाजी कॉलेज के 64 वर्षों के इतिहास में यह पहला अवसर है जब छत्तीसगढ़ से कोई छात्र अध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुआ है। साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले कुणाल बंजारे का संघर्षपूर्ण सफर युवा छात्रों के लिए प्रेरणा बन गया है।
सतनामी समाज का गौरव
इतिहास में पहली बार शिवाजी कॉलेज का अध्यक्ष सतनामी (दलित) समाज से चुना गया है। कुणाल की जीत से न केवल समाज का गौरव बढ़ा है बल्कि आम परिवार और गाँव से निकलकर बड़े मंच तक पहुंचने वाले छात्रों को नई उम्मीद भी मिली है।
राहुल गांधी से मुलाकातें और संघर्ष
कुणाल बंजारे राजनीति में सक्रिय रहते हुए कई बार कांग्रेस नेता राहुल गांधी से भी मुलाकात कर चुके हैं। छात्रहितों के लिए उनका संघर्ष और लगातार सक्रियता ने उन्हें कॉलेज राजनीति में एक अलग पहचान दी है।

छत्तीसगढ़ का परचम दिल्ली में
कुणाल की जीत ने यह साबित किया है कि छत्तीसगढ़ का युवा अब केवल प्रदेश ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी नेतृत्व क्षमता का लोहा मनवा रहा है। राजधानी दिल्ली में यह परचम लहराना छत्तीसगढ़ के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है।
