महिला सशक्तिकरण की नई पहचान

महिला सशक्तिकरण की नई पहचान

पिछले 19 महीनों में छत्तीसगढ़ ने महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। राज्य सरकार ने महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक, शैक्षिक और स्वास्थ्य के हर मोर्चे पर मजबूत बनाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और त्वरित लाभ पहुंचाने की व्यवस्था ने लाखों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान किया है।

आर्थिक स्वावलंबन: महतारी वंदन योजना

1 मार्च 2024 से लागू इस महत्वाकांक्षी योजना ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में क्रांतिकारी बदलाव लाया है।

विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपए सीधे बैंक खाते में दिए जा रहे हैं।

मार्च 2024 से सितम्बर 2025 तक 69.15 लाख से अधिक महिलाओं को 12,376.19 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है।

चालू वित्तीय वर्ष में इसके लिए 5,500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

इसके अलावा, 179 महतारी सदन के निर्माण के लिए 52.20 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। प्रत्येक सदन महिलाओं के लिए प्रशिक्षण, बैठक और सामुदायिक गतिविधियों का केंद्र होगा।

स्वरोजगार और उद्यमिता

महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के लिए राज्य सरकार ने कई योजनाएँ शुरू की हैं—

मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना – पंजीकृत महिला श्रमिकों को सिलाई मशीन हेतु 7,900 रुपए की सहायता।

दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना – महिला श्रमिकों को 1 लाख रुपए का अनुदान।

मिनीमाता महतारी जतन योजना – गर्भवती महिला श्रमिकों को 20,000 रुपए की आर्थिक सहायता।

मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना – 18-21 वर्ष की अविवाहित पुत्रियों के लिए 20,000 रुपए की सहायता राशि।

महतारी शक्ति ऋण योजना – महिलाओं को बिना जमानत के 25,000 रुपए तक का ऋण।

सक्षम योजना – 2 लाख से कम वार्षिक आय वाली महिलाओं को 3% ब्याज पर 2 लाख रुपए तक का ऋण।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) – 800 करोड़ रुपए का प्रावधान, “लखपति महिला” और “ड्रोन दीदी” जैसी पहलें शामिल।

महिला सुरक्षा और स्वास्थ्य

नवाबिहान योजना – घरेलू हिंसा पीड़ित महिलाओं को कानूनी, चिकित्सा और आश्रय सुविधा। इसके लिए 20 करोड़ रुपए का प्रावधान।

सखी वन-स्टॉप सेंटर – SOP लागू करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य; सभी 27 जिलों में 24×7 सेवा उपलब्ध।

महिला हेल्पलाइन 181 और डायल 112 – संकट में फंसी महिलाओं को त्वरित मदद।

शुचिता योजना – 2,000 स्कूलों में नैपकिन वेंडिंग मशीनें और 3 लाख किशोरियों को स्वच्छता सामग्री (13 करोड़ रुपए का प्रावधान)।

साइकिल वितरण योजना – हाई स्कूल छात्राओं के लिए 50 करोड़ रुपए का प्रावधान।

गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को पौष्टिक आहार और पोषण पुनर्वास केंद्रों से सहायता।

महिला उत्पादों को बढ़ावा

नवा रायपुर यूनिटी मॉल – 200 करोड़ रुपए की लागत से निर्माणाधीन, जहाँ महिला समूहों के उत्पादों की बिक्री होगी।

जशप्योर ब्रांड – जशपुर जिले की आदिवासी महिलाओं द्वारा निर्मित वन-आधारित उत्पाद, जिसने राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय पहचान बनाई है।

बजट और प्राथमिकताएँ

वित्तीय वर्ष 2025-26 में महिला एवं बाल विकास विभाग को 8,245 करोड़ रुपए का बजट आबंटित किया गया है। इसमें महतारी वंदन, पोषण, स्वास्थ्य, ऋण और सुरक्षा योजनाओं का विस्तार शामिल है।

नेतृत्व की दृष्टि

मुख्यमंत्री साय का कहना है कि “महिला सशक्तिकरण केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि धरातल पर बदलाव से संभव है।”
वहीं, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि “सरकार की प्राथमिकता है कि हर योजना का लाभ पात्र महिलाओं तक समय पर और पारदर्शी ढंग से पहुँचे।”

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