रायपुर । छत्तीसगढ़ में बौद्ध परंपरा की जड़ें अत्यंत गहरी हैं और भगवान बुद्ध के प्रेम, शांति एवं करुणा के संदेश को आत्मसात करते हुए राज्य सरकार विकास के मार्ग पर सतत अग्रसर है। इसी कड़ी में मैनपाट स्थित होटल ग्राउंड परिसर में नवस्थापित भगवान बुद्ध की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया गया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर भगवान बुद्ध की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और प्रदेशवासियों के लिए सुख, समृद्धि एवं शांति की कामना की।

उन्होंने अपने संबोधन में तिब्बती समुदाय का आत्मीय आमंत्रण और पारंपरिक स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सिरपुर जैसे ऐतिहासिक स्थलों में बौद्ध, जैन और सनातन परंपराएं एक साथ विद्यमान हैं, जो छत्तीसगढ़ की समावेशी संस्कृति का प्रतीक है।
उन्होंने दलाई लामा के 90वें जन्मदिवस का स्मरण करते हुए उन्हें बुद्ध के सिद्धांतों का जीवंत उदाहरण बताया और कहा कि आज जब विश्व असंतुलन और अशांति से जूझ रहा है, ऐसे समय में दलाई लामा का संदेश आशा और शांति की नई राह दिखाता है।
मुख्यमंत्री ने मैनपाट की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विविधता की प्रशंसा करते हुए इसे पर्यटन के लिए अपार संभावनाओं वाला क्षेत्र बताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की नवीन औद्योगिक नीति में पर्यटन को विशेष महत्व दिया गया है और होम स्टे सुविधा को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सैला रिसॉर्ट से बौद्ध मंदिर तक सीसी रोड के निर्माण के लिए 10 लाख रुपए और प्राचीन बौद्ध मंदिर में शेड निर्माण हेतु 20 लाख रुपए की घोषणा की।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पौधरोपण भी किया। तिब्बती रीति-रिवाजों के अनुसार पारंपरिक वेशभूषा में लोगों ने हाथों में तिरंगा लेकर आत्मीय स्वागत किया, जिससे कार्यक्रम स्थल पर उत्सव जैसा वातावरण बन गया।
इस समारोह में सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज, सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो, कलेक्टर विलास भोसकर, सेटलमेंट अधिकारी स्वांग यांग्सो, तिब्बती सहकारी समिति के अध्यक्ष तामदिंग सेरिंग, मठ प्रमुख लामा दुब्जे, लामा जिनपा सहित बड़ी संख्या में तिब्बती समुदाय के सदस्य उपस्थित थे।
