रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में आवास एवं पर्यावरण विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के तहत संचालित कार्यों की जानकारी ली गई और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में वित्त एवं आवास पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, एनआरडीए के सीईओ चंदन कुमार, गृह निर्माण मंडल के आयुक्त अवनीश शरण और रायपुर विकास प्राधिकरण के सीईओ आकाश छिकारा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नवा रायपुर का सुव्यवस्थित और भविष्योन्मुखी विकास सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। यहां आईआईएम, ट्रिपल आईटी और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान पहले ही स्थापित हो चुके हैं, जिससे यह क्षेत्र देश की सबसे आधुनिक और खूबसूरत राजधानी के रूप में उभर रहा है।
आगामी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उन्होंने नागरिक सुविधाओं के विस्तार, रेल कनेक्टिविटी, और लॉजिस्टिक हब निर्माण की दिशा में तेज़ी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने परमालकसा-खरसिया नई रेलवे लाइन को नवा रायपुर से जोड़ने की मंशा भी जाहिर की।
भारत माला परियोजना के तहत विशाखापट्टनम को जोड़ने वाले एक्सप्रेस-वे की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि इसके पूर्ण होने से रायपुर-विशाखापट्टनम की दूरी 100 किलोमीटर कम हो जाएगी, जिससे व्यापारिक गतिविधियों को बल मिलेगा।
बैठक में नवा रायपुर में ऑक्सीजोन के लिए पीपल, बरगद, करंज, नीम जैसे पौधों के रोपण, आयोग बिडिंग कॉम्पलेक्स, वर्किंग वुमन हॉस्टल, 100 बिस्तरों वाला अस्पताल और नया थाना स्थापित करने के प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने आवास एवं पर्यावरण विभाग के अधीन आने वाले पर्यावरण संरक्षण बोर्ड, गृह निर्माण मंडल, नगर एवं ग्राम निवेश, रेरा और रायपुर विकास प्राधिकरण की कार्यप्रणाली की समीक्षा कर अधिकारियों को कार्य में गति लाने के निर्देश दिए।
