रायपुर । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने दो दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान सुरक्षा बलों के जवानों और शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात कर नक्सल विरोधी अभियानों की समीक्षा की। हालांकि मौसम खराब होने के कारण उनका प्रस्तावित बस्तर दौरा रद्द हो गया, लेकिन रायपुर में उन्होंने कमांडरों और जवानों से सीधे संवाद किया और उनकी बहादुरी की सराहना की।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर हवाई अड्डे पर बताया कि शाह ने हाल ही में नक्सल विरोधी अभियानों में भाग लेने वाले जवानों से बातचीत की, जिनमें मई महीने में सीपीआई (माओवादी) के महासचिव नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू के मारे जाने की बड़ी सफलता भी शामिल है। शाह ने जवानों के साहस और समर्पण को राष्ट्र के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
इस दौरान अमित शाह ने नवा रायपुर अटल नगर में राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू) और एक केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की आधारशिला भी रखी। उन्होंने एनएफएसयू के अस्थायी परिसर का वर्चुअल उद्घाटन कर इसे राज्य के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
शाह ने रविवार शाम को डीजीपी, एडीजीपी और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ नक्सलवाद पर दो महत्वपूर्ण बैठकें भी कीं। इन बैठकों में सात राज्यों—आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, झारखंड और ओडिशा—के शीर्ष पुलिस अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में अंतर-राज्यीय समन्वय, रणनीति और माओवाद के उन्मूलन को लेकर गहन चर्चा हुई।
गृह मंत्री ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि मानसून के दौरान भी सर्चिंग और ऑपरेशन जारी रहेंगे। उन्होंने माओवादियों से आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की और कहा कि अब हिंसा का नहीं, विकास का समय है।
राज्य सरकार के अनुसार, जनवरी 2024 से अब तक 400 से अधिक माओवादी मारे जा चुके हैं, जिनमें बसवराजू जैसे बड़े नेता भी शामिल हैं।
अपने दौरे के अगले चरण में शाह वाराणसी जाएंगे, जहां वे मध्य क्षेत्रीय परिषद की 25वीं बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस परिषद में छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड शामिल हैं।
