शिक्षकविहीन ग्राम मुक्ता स्कूल को मिली नई दिशा

शिक्षकविहीन ग्राम मुक्ता स्कूल को मिली नई दिशा

रायपुर, सक्ती जिले के मालखरौदा विकासखंड के ग्राम मुक्ता स्थित शासकीय हाईस्कूल में वर्षों से शिक्षकों की कमी के कारण पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही थी। बच्चों को अन्य गांवों में जाकर शिक्षा प्राप्त करनी पड़ती थी, जिससे पालकों और विद्यार्थियों दोनों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।

अब शासन की युक्तियुक्तकरण नीति के तहत इस विद्यालय में विभिन्न विषयों के 5 शिक्षकों की पदस्थापना कर दी गई है। यह न केवल शाला की शैक्षणिक गुणवत्ता को बढ़ाएगा, बल्कि इससे बच्चों को अपने ही गांव में बेहतर शिक्षा का अवसर मिलेगा। इससे ग्रामवासियों में खुशी और संतोष की लहर देखी जा रही है।

युक्तियुक्तकरण के तहत की गई पदस्थापना से अब मुक्ता शासकीय हाईस्कूल में गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, हिंदी और अंग्रेज़ी जैसे विषयों के लिए अलग-अलग शिक्षक उपलब्ध हो पाए हैं। इससे जहां विद्यार्थियों को विषयवार दक्षता प्राप्त होगी, वहीं पालक भी बच्चों को बेहतर भविष्य के लिए प्रोत्साहित कर पा रहे हैं।

पूर्व में शिक्षकविहीन स्थिति के कारण इस स्कूल में बच्चों की उपस्थिति कम होती जा रही थी। लेकिन अब शिक्षकों की नई नियुक्तियों के साथ विद्यालय का वातावरण पूरी तरह बदल गया है। ग्रामीण अभिभावक अपने बच्चों का नामांकन स्थानीय शाला में कराने के लिए आगे आ रहे हैं, जिससे शिक्षा के प्रति समाज का विश्वास और मजबूत हो रहा है।

ग्राम मुक्ता का यह परिवर्तन सिर्फ एक उदाहरण है। सक्ती जिले के कई अन्य स्कूलों में भी युक्तियुक्तकरण की इस पहल के तहत शिक्षकों की कमी को दूर किया जा रहा है। इससे न केवल स्कूलों की शिक्षण व्यवस्था में सुधार आया है, बल्कि स्कूलों की समग्र विकास की संभावनाएं भी बढ़ी हैं।

ग्रामीणों ने इस बदलाव के लिए राज्य शासन और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उनके बच्चे अपने ही गांव में रहकर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे और अपने सपनों को साकार कर पाएंगे। यह पहल न केवल शिक्षकों की पदस्थापना तक सीमित है, बल्कि यह ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के प्रति विश्वास, जागरूकता और सहभागिता को एक नई दिशा दे रही है।

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