सेमरहा के बच्चो ने विधानसभा परिसर में की मुख्यमंत्री साय से की मुलाकात…

सेमरहा के बच्चो ने विधानसभा परिसर में की मुख्यमंत्री साय से की मुलाकात…

रायपुर। कवर्धा जिले के ग्राम बाहपानी में हुए एक दुखद हादसे में तेंदूपत्ता संग्रहण करने गये 19 ग्रामीणों की मृत्यु हो गई थी। इनके पीछे छूट गये थे इनके मासूम बच्चे। इनकी पढ़ाई लिखाई को लेकर इनके माता-पिता का कितना कुछ सपना था, जिन्हें पूरा करने की जिम्मेदारी थी। घटना के तुरंत पश्चात मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर परिजनों को पांच-पांच लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान की गई थी। साथ ही विधायक भावना बोहरा ने इन मासूम बच्चों के परवरिश की जिम्मेदारी ली। सुखद बात यह है कि यह बच्चे अपनी तरक्की की राह में तेजी से बढ़ रहे हैं। आज मुख्यमंत्री साय ने विधानसभा परिसर में इन बच्चों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने बच्चों को खूब दुलारा और कहा कि आप लोगों ने विधानसभा देखी है। यहां पर हम सब चर्चा करते हैं और सब मिलजुलकर प्रदेश के विकास के लिए नीति तैयार करते हैं। कल जब आप लोग भी बड़े होंगे। और आप में से जो जनप्रतिनिधि बनेगा वो यहां आएंगे। यह लोकतंत्र का मंदिर है यहीं से हम प्रदेश के विकास की राह तैयार करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी को विधानसभा दिखाने के पीछे हमारी मंशा यह है कि बच्चे बेहतर तरीके से समझें कि लोकतंत्र कैसे काम करता है।

    मुख्यमंत्री ने बच्चों से पढ़ाई के बारे में पूछा। बच्चों ने कहा कि उनकी पढ़ाई लिखाई अच्छी चल रही है। मुख्यमंत्री ने बच्चों से उनके गांव के बारे में भी पूछा। बच्चों ने अपने गांव के बारे में मुख्यमंत्री को विस्तार से जानकारी दी।

 सेमरहा के बच्चे, विधानसभा परिसर में की मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से मुलाकात

    मुख्यमंत्री ने विधायक बोहरा को कहा कि बच्चों को इतनी सुंदर शिक्षा आप दे रही हैं। यह बहुत अच्छी बात है। बच्चों की शिक्षा के क्षेत्र में हम जितना काम करेंगे, हमारे विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को प्राप्त करने में उतनी ही आसानी होगी।

    गौरतलब है कि विगत 20 मई 2024 को कवर्धा जिले के ग्राम बाहपानी के समीप एक दुखद सड़क दुर्घटना में तेंदूपत्ता तोड़कर लौट रहे 19 ग्रामीणों की दुःखद मृत्यु हो गई थी। मुख्यमंत्री ने हादसे में तत्काल परिजनों को राहत देते हुए 5-5 लाख दिए जाने की घोषणा की थी। आज इन्हीं मृतकों परिवारों के 14 बच्चे मुख्यमंत्री से मिलने विधानसभा पहुंचे थे।

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